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किसानों के साथ खोखले वादों के आरोप में घरघोड़ा टेण्डा नवापारा के किसानों का आक्रोश सड़क पर ? घंडो चक्का जाम कर किया विरोध प्रदर्शन।

 

  • भाजपा सरकार की दोहरी भूमिका, वादों के विपरित धान खरीदी में कोताही का आरोप, किसानों को परेशान कर रहे अधिकारी पटवारी, भविष्य में सत्ता पक्ष के लिए चेतावनी?
  • धान उपार्जन केंद्र नावापारा (टेण्डा) में अनियमितता के विरोध में किसानों का चक्का जाम, प्रति एकड़ खरीदी में भेदभाव का आरोप?
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 रायगढ़ / घरघोड़ा/ सुनील जोल्हे की रिपोर्ट 

 

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धान उपार्जन केंद्र नवापारा (टेण्डा) में व्याप्त अव्यवस्था, अनियमितता और प्रति एकड़ धान खरीदी में कथित भेदभाव को लेकर क्षेत्र के किसानों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। किसानों ने धान उपार्जन केंद्र के सामने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर आर्थिक नाकेबंदी की, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

किसानों का आरोप है कि धान उपार्जन केंद्र नावापारा (टेण्डा) में 26 नवंबर 2025 से प्रति एकड़ केवल 17 क्विंटल धान ही खरीदा जा रहा है, जबकि शासन द्वारा पूर्व से ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का स्पष्ट आदेश जारी है। किसानों ने बताया कि 26 दिसंबर से पूर्व छोटे किसानों का धान 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से खरीदा गया, किंतु बड़े किसानों के मामले में नियमों से अलग व्यवहार किया जा रहा है।

किसानों का कहना है कि बड़े किसानों को 15 दिसंबर तक टोकन भी जारी नहीं किया गया, और अब जब टोकन जारी किया गया है तो उनसे प्रति एकड़ केवल 17 क्विंटल धान ही खरीदा जा रहा है। यह स्थिति किसानों के अनुसार स्पष्ट भेदभाव को दर्शाती है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों ने यह भी बताया कि राजस्व विभाग द्वारा 5 एकड़ एवं 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले पंजीकृत किसानों का टोकन कटने से पूर्व तथा बाद में भी भौतिक सत्यापन कर पंचनामा तैयार किया जा चुका है। इसके बावजूद धान खरीदी की सीमा घटाया जाना किसानों को अनुचित और संदेहास्पद प्रतीत हो रहा है।

इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर आक्रोशित किसानों ने धान उपार्जन केंद्र के सामने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर आर्थिक नाकेबंदी की और शासन-प्रशासन से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी तत्काल लागू करने, सभी किसानों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने तथा उपार्जन केंद्र में व्याप्त अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक मौके पर प्रशासनिक अमला पहुंचकर किसानों से चर्चा कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा था।

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बुधवार, 06 मई 2026

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