नवापारा ट्रेक्टर चोरी का खुलासा: घरघोड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 24 घंटे में ट्रेक्टर-ट्रॉली बरामद, चार आरोपी गिरफ्तार भेजे गये जेल।
नए एसएसपी की सख्ती से बदली तस्वीर, जिले में पुलिस व्यवस्था में आई कसावट।
घरघोड़ा डेक्स 01 फरवरी 2026
घरघोड़ा नवापारा वार्ड नंबर 10 मुख्य मार्ग घर के सामने से हुई ट्रेक्टर चोरी की घटना में घरघोड़ा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर चोरी गया ट्रेक्टर-ट्रॉली बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, जिला रायगढ़ के निर्देशन में की गई।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 29 जनवरी को ट्रेक्टर मालिक संजय सिन्हा पिता स्व. भागवत प्रसाद सिन्हा (58 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 06 नवापारा ने थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27–28 जनवरी की दरम्यानी रात उनके घर के सामने खड़ा ट्रेक्टर वाहन क्रमांक CG-13-BB-2313 इंजन व ट्रॉली सहित अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया है।
रिपोर्ट मिलते ही थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में चार संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए, जिनके हुलिए के आधार पर मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। इसी दौरान सूचना प्राप्त हुई कि एक युवक ढाबा के पास ट्रॉली बेचने के लिए ग्राहक तलाश कर रहा है। सूचना पर तत्काल दबिश देते हुए पुलिस ने रामप्रसाद सारथी निवासी ग्राम तरेकेला थाना छाल (हाल मुकाम ग्राम नकना, धरमजयगढ़) को पकड़ा।
पूछताछ में रामप्रसाद सारथी ने अपने साथियों मिथलेश सारथी, योगेश कुमार धनवार और नरेश कुमार पटैल के साथ मिलकर पल्सर बाइक से नवापारा क्षेत्र से ट्रेक्टर चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर तीनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर छाल रोड स्थित ग्राम बैहामुड़ा, कटंगनारा–कोसाबाड़ी के पास छिपाकर रखा गया अपहृत ट्रेक्टर वाहन क्रमांक CG-13-BB-2313 इंजन व ट्रॉली सहित बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही चोरी में प्रयुक्त बिना नंबर की पल्सर बाइक (कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये) भी जब्त की गई। इस प्रकार पुलिस ने कुल करीब 10 लाख 30 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की है।
पुलिस द्वारा सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरिश पटेल, उद्यो पटेल तथा स्थानीय युवक कालिया गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से पुलिस को यह सफलता मिली।
इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि सीसीटीवी कैमरे आज केवल निगरानी का साधन नहीं, बल्कि अपराध रोकने और अपराधियों की पहचान का सबसे मजबूत माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर, दुकान, प्रतिष्ठान और कॉलोनी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने से चोरी व लूट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगता है तथा किसी भी घटना की जांच में पुलिस को ठोस तकनीकी साक्ष्य प्राप्त होते हैं।
मुद्दा यह भी है..
घरघोड़ा थाना औद्योगिक क्षेत्र से घीरा हुआ बाहरी लोगों का आना जाना अधिक होता है, जिस तरह शहर का विस्तार लगातार हो रहा उसी तरह से अवैध कारोबार चोरी जैसे अपराध भी बढ़ रहें हैं, फिर चौक चौराहों में सीसीटीवी का ना होना प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है, आमजन शासन प्रशासन से प्रभावित तभी होगा जब विभाग प्रभावशाली कार्य करे।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने परिसरों में कार्यशील सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाएं, उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। जनसहयोग और तकनीक के माध्यम से ही सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।











