Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

GST Raid : घरघोड़ा नवापारा फिल कोल के मालिक प्रवीण झा ने सरेंडर किए 11 करोड़। छापेमारी के बाद खनिज विभाग ने क्षमता बढ़ाने की अनुमति प्रदान किया।

KUHUKKANAN
  • स्टेट जीएसटी की रेड दो दिनों तक चली, बड़े पैमाने पर कोयले में मिक्सिंग करने की जानकारी कागजों तक सिमट गई, कार्रवाई या खाना पूर्ति?
  • शिकायतों की कतार में अब जागी प्रशासन प्रदुषण व अवैध कारोबार के खिलाफ पहले हो चुका है शिकायत।

 

घरघोड़ा / 16 दिसम्बर 2025 / खबर डेक्स 

Advertisement Box

रायगढ़ में कोल डिपो फिल कोल बेनीफिकेशन और महावीर कोल वॉशरी पर स्टेट जीएसटी की छापेमार कार्रवाई पूरी हो गई। लंबे समय बाद जीएसटी ने कोयला कारोबारियों पर हाथ डाला है। फिल कोल ने 11 करोड़ की अवैध कमाई सरेंडर की है। वाणिज्यिक कर विभाग की इस कार्रवाई का नेतृत्व सचिव मुकेश बंसल कर रहे थे। उनके निर्देशन में जीएसटी टीमों ने करीब दर्जन भर ठिकानों पर कार्रवाई की। बिलासपुर के फिल कोल, महावीर कोल वॉशरी और पारस पावर एंड कोल के करीब 11 ठिकानों में छापेमारी की गई। रायगढ़ में फिल कोल बेनीफिकेशन नवापारा टेंडा और महावीर कोल वॉशरी भेंगारी के फैक्ट्री और दफ्तर में छापा मारा गया है। शुक्रवार को स्टेट जीएसटी की टीमें दोनों फर्मों के रायगढ़ स्थित ठिकानों पर पहुंची।

शनिवार को भी कार्रवाई जारी रही। मिली जानकारी के मुताबिक फिल कोल के मालिक प्रवीण झा, प्रदीप झा और दिव्यांश झा ने 11 करोड़ की कमाई सरेंडर की है। वहीं महावीर कोल वॉशरीज प्रालि ने दस करोड़ सरेंडर किए हैं। अधिकारियों ने ऑफिस, घर, प्लांट और वॉशरी में दस्तावेज खंगाले। फिल ग्रुप ने कोयले का रिजेक्ट मटेरियल भी बड़े पैमाने पर खरीदा। इसका उपयोग कहां किया गया पता नहीं। जितना कोयला एक नंबर में डिपो पहुंचा, उससे अधिक बिक्री की गई। सवाल उठता है कि जितना कोयला नहीं था, उससे ज्यादा मात्रा का विक्रय कैसे किया गया। संभव है कि कोयले में छाई, डस्ट, रिजेक्ट आदि को मिलाकर बेचा गया हो।

लाइसेंस निरस्त नहीं किया क्षमता विस्तार करने की अनुमति।

फिल कोल बेनीफिकेशन निजी क्षेत्र के रूप में कोयला ट्रेडिंग का कार्य करता है घरघोड़ा तमनार क्षेत्र के खदानों से भारी मात्रा में कोयला खरीद कर क्वाल्टी निर्धारण करता है अच्छे कोयले की मांग खदानों से करता है यह प्रकार ऐसा व्यापार है जिसमें खदानों में सेटिंग पकड़ की बहुत जरूरत होती है। जहां फर्म को रायगढ़ में दोबारा अनुमति देने के लिए तत्कालीन खनिज अधिकारी ने लॉबिंग की। अवैध कोयला पकड़े जाने के बावजूद लाइसेंस निरस्त नहीं किया गया बल्कि पहले से अधिक मात्रा में भंडारण की अनुमति दी गई। जीएसटी रेड से यह बात साबित हो गई कि ये फर्म मिलावटी कोयला सप्लाई कर रही हैं जिससे अवैध कमाई हो रही है। मिलावटी कोयले से प्लांटों को नुकसान होता है जो बिजली व स्टील संयंत्र को अच्छे कोयले की जरूरत में कोल ऐसे फर्म से अधिक मूल्य पर कोल क्रय करना होता है, स्थापित कोल के ट्रेडिंग फर्म क्षेत्र के आसपास में पर्यावरण प्रदूषण तो होता ही है साथ में मिलावटी कोयले से कंपनीयों को भी भारी नुक़सान होता है जिसके खिलाफ खनिज विभाग कभी कार्रवाई नहीं करती है।

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

रविवार, 30 अगस्त 2026

आज का सुविचार

सफलता अंतिम नहीं है, और असफलता घातक नहीं है; बल्कि मायने यह रखता है कि आप निरंतर आगे बढ़ने का साहस रखते हैं या नहीं। हर ठोकर आपको मजबूत बनाने आती है, न कि गिराने।

और भी पढ़ें

WhatsApp