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लैलूंगा में साइकिल वितरण कार्यक्रम पर बवाल: आदिवासी युवा नेता रवि भगत हिरासत में, गुणवत्ता को लेकर उठाए सवाल शासकीय कार्यक्रम में विरोध, पुलिस ने हिरासत में लिया

 

रविभगत के तेवर से शासन – प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है ! क्या भाजपा कहीं चुक गई ? दुश्मन से ज्यादा अपनों के घाव गहरे होते हैं, स्थानीय मुद्दों पर घिरती सरकार व स्थानीय विधायक ?

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क्षेत्रीय मुद्दों पर मुखर रविभगत का बढ़ता जनाधार _ सड़क से साइकिल तक भ्रष्ट तंत्र का भेंट चढ़ता – रविभगत ।

वर्तमान विधायक एंव सांसद के गढ़ में हुंकार भरता आदिवासी युवा नेता, गोंड बाहुल्य क्षेत्र उरांव आवाज बुलंद।

लैलूंगा/रायगढ़/28/07/2026/मंगलवार/खबर डेक्स/रिपोर्ट 

शासकीय हाई स्कूल कुपाकानी में आयोजित सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब आदिवासी युवा नेता एवं पूर्व भाजपा नेता रवि भगत ने वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कार्यक्रम का विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाना पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि उनके विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का मामला दर्ज किया गया है।
“जवाबदेही तय होने तक वितरण नहीं” – रवि भगत
रवि भगत का कहना है कि छात्राओं को मानक गुणवत्ता की साइकिल मिलनी चाहिए। उनका दावा है कि जब तक साइकिलों की गुणवत्ता और खरीद प्रक्रिया पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक निम्न गुणवत्ता वाली साइकिलों का वितरण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जवाब नहीं मिला तो लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में आगे होने वाले वितरण कार्यक्रमों का भी विरोध किया जाएगा।
सरकार और शिक्षा विभाग से उठाए कई सवाल
रवि भगत ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि सार्वजनिक रूप से बताया जाए कि साइकिल किस कंपनी की है, प्रति साइकिल कितनी कीमत निर्धारित की गई है, किस एजेंसी के माध्यम से खरीद की गई है तथा गुणवत्ता का मानक किस आधार पर तय किया गया है। उन्होंने गुणवत्ता में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई है।
कार्यक्रम में मौजूद थे जनप्रतिनिधि
घटना के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष, सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक भी मौजूद थे। विरोध के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए रवि भगत को थाना ले जाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की।
कौन हैं रवि भगत?
रवि भगत लैलूंगा तहसील के झरन गांव के निवासी हैं और कृषक उरांव परिवार से आते हैं। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। उन्होंने वनवासी कल्याण आश्रम और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में कार्य किया तथा छात्र राजनीति में प्रदेश सहमंत्री से लेकर राष्ट्रीय मंत्री तक की जिम्मेदारियां निभाईं। बाद में भारतीय जनता युवा मोर्चा में राष्ट्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष जैसे पदों पर भी रहे।
भाजपा से अलग होने के बाद बदली राजनीतिक भूमिका
भाजपा की सक्रिय सदस्यता छोड़ने के बाद रवि भगत लगातार लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं। सड़क, आवास, शिक्षा, भ्रष्टाचार, आदिवासी अधिकार और विभिन्न जनहित के विषयों पर वे आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि वे बिना किसी संगठनात्मक पद के भी जनता की समस्याओं को मुखरता से उठा रहे हैं।
राजनीतिक चर्चा भी तेज
रवि भगत की सक्रियता को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ स्थानीय लोग उनकी तुलना वर्तमान विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार से करते हुए उन्हें जमीनी नेता बताते हैं। वहीं यह भी राय सामने आ रही है कि स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर विपक्ष की भूमिका रवि भगत निभाते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि यह स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों की राय है, जिसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सकता।
अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर
साइकिल वितरण कार्यक्रम में हुए विवाद के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया है। एक ओर पुलिस शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर साइकिलों की गुणवत्ता और खरीद प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर भी लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में प्रशासन और शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय कर सकती है।
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