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एनटीपीसी मुआवजा राशि बना किसानों के लिए परेशानी – लगातार मील रही शिकायत।
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प्रशासनिक तंत्र व्यवस्था पर खड़े होते सवालों का जवाब आखिर कब।
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एनटीपीसी परियोजना के मुआवजे को लेकर घरघोड़ा पुलिस में मामला दर्ज, बैंक लेनदेन की जांच शुरू।
घरघोड़ा/खबर डेस्क/18/08/2026 एनटीपीसी
एनटीपीसी तिलाईपाली कोयला खनन परियोजना के लिए जमीन-मकान अधिग्रहण के बाद मिले मुआवजे में कथित हेराफेरी का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। तिलाईपाली (बिच्छीनारा) निवासी अमीर कुमार राठिया ने आरोप लगाया है कि उनकी कम जानकारी और बैंकिंग प्रक्रिया से अनभिज्ञता का फायदा उठाकर उनके मुआवजे की राशि में से 49 लाख 50 हजार रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर करा दिए गए।
शिकायत के अनुसार अमीर कुमार राठिया को जमीन और मकान के अधिग्रहण के एवज में कुल 69,64,618 रुपये का मुआवजा मिला था। आरोप है कि इसी दौरान खगेश्वर गुप्ता और प्रदीप गुप्ता ने मुआवजा संबंधी प्रक्रिया में मदद करने के नाम पर बैंक पासबुक एवं अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि बाद में उनके बैंक खाते से बड़ी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई। बैंक स्टेटमेंट सामने आने के बाद कथित लेनदेन का पता चला।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, प्रदीप गुप्ता से जुड़े खाते में 25 लाख रुपये तथा खगेश्वर गुप्ता से जुड़े रिश्तेदार के खाते में 24.50 लाख रुपये ट्रांसफर हुए। कुल रकम 49.50 लाख रुपये बताई गई है।
मामला सामने आने के बाद शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर रकम वापस करने की मांग की, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद 17 अगस्त 2026 को थाने में शिकायत दी गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
अब पुलिस की जांच में बैंक के चेक, हस्ताक्षर, खाते में जमा-निकासी, ट्रांसफर की अनुमति, संबंधित दस्तावेज और आरोपियों से जुड़े बैंक खातों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं तो मामला गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी का रूप ले सकता है।
फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। लेकिन करोड़ों रुपये की परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों को मिलने वाले मुआवजे की राशि में इतने बड़े लेनदेन का मामला सामने आने के बाद पारदर्शिता और हितग्राहियों की वित्तीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं।










