
- जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू गतिशील है अबतक की जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले में 2698.40 क्विंटल धान की खरीदी खरीदी हुई है।
- इस वर्ष राज्य शासन ने सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश किया है किसानों को ना हो असुविधा इसके लिए सख्त निर्देश दिया गया है।
- रायगढ़ जिला उड़िसा बार्डर से लगा हुआ है, अबतक प्रशासनिक सख्ती बार्डरों में नजर नहीं आ रही है?
रायगढ़, डेक्स।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य 15 नवंबर से जिले में सुचारू रूप से प्रारंभ हो गया है, जिले में अवैध धान भारी मात्रा में खपाया जाता है इस वर्ष प्रशासनिक कसावट देखी जा सकता है, विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की कार्यवाही जारी है वहीं सड़क मार्ग पर वाहनों जांच चल रही है। वहीं आज मंडी सचिव मंडी उप निरीक्षक कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के दिशा निर्देश में क्षेत्र निरीक्षण में थे बताया जा रहा है खरसिया विकास खण्ड के ग्राम डोमनारा के भभीक्षण साव पिता सोहराइ साव के दुकान से 50 कट्टा धान अवैध रूप से स्टोर कर रखा पाया जिसमें जप्ती की कार्रवाई किया गया।
जिले के 69 सेवा सहकारी समितियों के 105 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी व्यवस्था बेहतर और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है। जिले में अब तक 2698.40 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में प्रत्येक उपार्जन केंद्र में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, ताकि अवैध धान की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई जा सके और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही जिले के विभिन्न स्तर के अधिकारी-कर्मचारी मिलकर निरीक्षण दल का गठन कर उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं।
-: शिकायत निवारण हेतु टोल फ्री नंबर जारी :-
धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए खाद्य विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है। यह कॉल सेंटर राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्य करेगा। सभी उपार्जन केंद्रों में इस नंबर का प्रमुखता से प्रदर्शन किया गया है, ताकि किसान आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। प्राप्त शिकायतों का निराकरण तीन दिवस के भीतर किया जाएगा
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का सख़्त निर्देशन लापरवाही में जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी होगी कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन की सतत निगरानी में उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शी और किसान हितैषी बनाकर लागू की गई है। इससे किसानों में बढ़ा विश्वास और सहयोगिता देखने को मिल रही है तथा उपार्जन केंद्रों पर उत्साह का माहौल है। जिले के अधिकांश उपार्जन केंद्रों में सुबह से ही किसानों की सक्रिय उपस्थिति देखने को मिल रही है। किसानों की सुविधा के लिए सभी केंद्रों में सुव्यवस्थित टोकन सिस्टम, पारदर्शी सत्यापन प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक तोल मशीन सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो










