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राज्य के शासकीय कर्मचारीयों का धैर्य टूटता हुआ, घरघोड़ा तहसील के शासकीय विभागों में लटका ताला, कलम बंद कामकाज ठप्प।

  • 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारीयों ने कार्यालयों में लटका दिया ताला – तीन दिन की हड़ताल का आह्वान, कलम थमे विरान हुए कार्यालय।
  • सरकार की रीढ़ कर्मचारी, दोनों आमने सामने होने से आमजन को नुकसान, अति महत्वपूर्ण कार्य भी तीन दिवस के बाद होगी।
  • सरकारी कामकाज बंद होने से सरकार को होती है भारी नुक़सान।

घरघोड़ा :-                कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन            छत्तीसगढ़ के प्रादेशिक आह्वान पर घरघोड़ा के शासकीय कर्मचारी 3 दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं 29, 30 एवं 31 दिसम्बर तक घरघोड़ा तहसील के कर्मचारी एवं अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे, सभी ऑफिसों में तला बंदी दिखा, घरघोड़ा में हड़ताल का शत् प्रतिशत असर है, राज्य शासन के समक्ष लगातार अपनी मांगों लेकर ज्ञापनों का सिलसिला जारी है फिर भी राज्य की विष्णु देव सरका कर्मचारियों की हितों पर गंभीर नहीं दिखाई दे रही है, वहीं शासन पर लगातार दबाव बनाने में शासकीय कर्मचारी अपने मांगों पर अडिगता से खड़े हैं, शासन की ओर से निराकरण न होने के कारण आज से कर्मचारी अधिकारी हड़ताल पर जाने से सभी आवश्यक कार्य ठप्प हो गई है।

संतोष पाण्डेय
संतोष पाण्डेय (छग शास. तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष)

                             छ ग़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ रायगढ़ के जिला शाखा अध्यक्ष एवं घरघोड़ा फेडरेशन के संयोजक संतोष पाण्डेय ने बताया की राज्य शासन से लगातार कर्मचारियों के हितों में मांग किया जाता रहा है, वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारी अपने अधिकारों से वंचित हैं शासन की दिशा निर्देश पर कर्मचारी दिन रात कार्य करते हैं कड़ी मेहनत कर राज्य सरकार रीढ़ की हड्डी शासकीय सेवक सेवा दे रहें हैं परंतु अपेक्षाकृत सुविधाएं मानदेय देने में सरकार कोताही बरती है, इस प्रकार से कर्मचारियों का मनोबल कमज़ोर होती है और सरकार व कर्मचारी के बीच बढ़ी दरारें पड़ने लगती है। सरकार को कर्मचारी की हितों पर गंभीर होना होगा इस कारण यह आंशिक आन्दोलन के द्वारा हमने शासन के सामने निम्न मांग रखी है जो इस प्रकारक से है..

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1- केंद्र के समान महंगाई भत्ता कर्मचारी एवं पेंशनरों को देय तिथि से

2- डी ए एरियस की राशि कर्मचारियों के जी पी एफ खाते में समायोजित करना,

3- सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए,

4- लिपिको, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग महिला बाल विकास सहित विभिन्न संवर्गो का वेतन विसंगति दूर करने पिंगुआ कमेटी का रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए,

5- प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गड़ना करना करते हुए संपूर्ण लाभ दिया जाए, पंचायत सचिवों का शासकीय कारण करना,

6- सहायक शिक्षकों एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समय मान वेतनमान दिया जाए, नगर निकाय के कर्मचारियों का नियमित मासिक वेतन एवं समय बद्ध पदोन्नति किया जाए,

7- अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10% का सीलिंग शितलीकरण किया जाए,

8- प्रदेश में कैश-लेस चिकित्सा सुविधा लागू किया जाए, 9 अर्जित अवकाश का नगदी कारण 300 दिन किया जाए,

10- दैनिक अनियमित संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए, 

11- सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्ति 65 वर्ष किया जाए,

 

राज्य के कर्मचारियों का कहना है यह ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर लगातार समय समय पर प्रदर्शन करते रहते हैं, चुनाव के समय सभी राजनीतिक पार्टी कर्मचारीयों हितों को लैकर बड़े बड़े वादों का पुलिंदा रखती है फिर सत्ता में आने के बाद सब कुछ भूलाकर कर कर्मचारियों के विश्वास के साथ खेलती है जिससे कर्मचारी सदैव आहत होते हैं, कर्मचारियों को दरकिनार करना हर सत्ता दल को खामयाजा उठाना पड़ा है जब जब कर्मचारी एकता अपनी ताकत दिखाई है सत्ता सिंहासन डगमगाया है, इन्हीं विषयों के साथ वर्तमान राज्य सरकार से संवाद स्थापित किया जा रहा है, घरघोड़ा तहसील कर्मचारी शाखा द्वारा तहसील कार्यालय पहुंच कर एसडीएम के माफरत छत्तीसगढ़ के मुख्या संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपकर कलम बंद आन्दोलन कर रहे हैं जमीं से जुड़े आदिवासी मुख्यमंत्री कर्मचारियों की संवेदना को समझने का अवश्य प्रयास करेंगे यह अपेक्षा लेकर घरघोड़ा तहसील के समस्त कर्मचारी तहसील परिसर में एकत्र होकर मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है 

                    इस अवसर पर सभी विभाग के कर्मचारी अधिकारी कर्मचारी भवन में एकत्र हुए और तहसील कार्यालय गए ज्ञापन देने कोई ज्ञापन लेने के नहीं मिला इससे प्रतीत होता है कि आंदोलन कितना सफल है इस अवसर पर दभिनव सिंह,संतोष पांडे रोहित डनसेना, अश्वनी दर्शन, मंगलेश्वर महंत ,आशीष शर्मा, बाबूलाल धृतलहरे,मनोज प्रधान संजय पंडा ,हरिश्चंद्र बेहरा, वरुण गुप्ता ,विजय पडा, अखिलेश मिश्रा,प्रियंक दुबे ,मोहन चौहान,संजीव पटेल,प्रमोद गुप्ता, संजय पैंकरा,रोशन पंडा,गुलाब चौहान लाल साय लकड़ा,अशोक महापात्री,पीला राम लहरे,मिल कंठ गुप्ता,कमलेश पंडा,आकाश कुर्रे, शंभू पटनायक मनोज पंडा,ईश्वर विशी,विष्णु पैंकरा,लखन साहू,चंदू लाल चौहान बहुत संख्या में अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे। 

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रविवार, 01 मार्च 2026

आज का सुविचार

प्रशंसा से पिघलना मत और आलोचना से उबलना मत। निंदा उसी की होती है जो जिन्दा है, मरी हुई चीजों की तो अक्सर सिर्फ तारीफ ही होती है। सही समालोचना को स्वीकारें और आगे बढ़ें।

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