🌈 होली के बीच सियासी तकरार.. होली उत्सव मनाने सांसद राधेश्याम राठिया और मंत्री ओपी चौधरी आमने-सामने।
रायगढ़/रायपुर – होली के उत्सव के बीच छत्तीसगढ़ की राजनीति में तकरार खुलकर सामने आ गई है। राधेश्याम राठिया और ओपी चौधरी के बीच मतभेद की खबरों ने भाजपा खेमे में हलचल पैदा कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, सांसद निवास को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सार्वजनिक बयानबाजी तक पहुंच गया है।
🗣️ “आदिवासी नेताओं के साथ भेदभाव” – राठिया
बताया जा रहा है कि सांसद राधेश्याम राठिया ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी में आदिवासी नेताओं को अपेक्षित सम्मान और प्राथमिकता नहीं दी जाती। उनका कहना है कि संगठन में समान भागीदारी और सम्मान सुनिश्चित होना चाहिए।
यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी आदिवासी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
🏠 सांसद निवास को लेकर मतभेद
मामले की जड़ सांसद निवास से जुड़ी बताई जा रही है। चर्चा है कि होली के अवसर पर निवास उपलब्ध कराने को लेकर वादा किया गया था, राठिया जी का साफ़ कहना है निवास देने की शर्त यह था कि हर साल होली उत्सव के समय वहां सांसद निवास सांसद के नाम का बोर्ड लगे और सब मिलकर एक साथ होली उत्सव मनाने की बात हुई थी, लेकिन बाद में उसे लेकर सहमति नहीं बन पाई। इस घटनाक्रम के बाद दोनों नेताओं के बीच दूरी बढ़ने की बात कही जा रही है।
हालांकि मंत्री ओपी चौधरी की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
🔎 राजनीतिक असर
भाजपा संगठन में अंदरूनी समन्वय पर सवाल
विपक्ष को मिला नया मुद्दा
आदिवासी नेतृत्व को लेकर नई बहस
होली के रंगों के बीच उभरा यह सियासी रंग आने वाले दिनों में किस दिशा में जाएगा, इस पर सबकी नजर टिकी है। फिलहाल, पार्टी स्तर पर सुलह और संवाद की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। (हो०स०)










