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वायरल वीडियो से बेनकाब हुई करतूत: हाथियों पर पत्थर बरसाने और पटाखे फोड़ने वाले दो आरोपी दबोचे गए
घरघोड़ा/खबर डेस्क /03/07/2026/प्रे•वि•
जंगली हाथियों को पत्थर मारकर और पटाखे फोड़कर आतंकित करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया। रायगढ़ वनमंडल के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम छर्राटांगर में हुई इस घटना की जांच के बाद दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वायरल वीडियो में कुछ लोग खेतों में पहुंचे दो जंगली हाथियों को उकसाते, उन पर पत्थर फेंकते और पटाखे जलाकर भगाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे थे। वन विभाग ने इसे वन्यजीवों के प्रति क्रूरता और कानून का खुला उल्लंघन मानते हुए तत्काल जांच शुरू की।
वनमंडलाधिकारी अरविंद पी. एम. के निर्देश पर उप वनमंडलाधिकारी आशुतोष मांडवा एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रांत कुमार के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वीडियो की बारीकी से पड़ताल और स्थानीय स्तर पर की गई जांच के बाद मनमोहन राठिया और करम सिंह राठिया की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(16), 9, 51 एंव 52 के तहत कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
वन अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हाथियों को उकसाना, पत्थर मारना, पटाखे फोड़ना या उन्हें किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचाने का प्रयास गैर-जमानती अपराध है। भविष्य में ऐसी घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
- उनके स्वभाव की प्रमुख विशेषताएँ:
- झुंड में रहना: हाथी परिवार के साथ रहते हैं। झुंड का नेतृत्व प्रायः अनुभवी मादा (मैट्रिआर्क) करती है।
- बेहद बुद्धिमान: उनकी स्मरण शक्ति अच्छी होती है और वे रास्ते, जलस्रोत तथा लोगों को लंबे समय तक याद रख सकते हैं।
- संवेदनशील: वे अपने साथी की मृत्यु या संकट पर शोक और सहानुभूति जैसे व्यवहार भी प्रदर्शित करते हैं।
- सुरक्षात्मक: बच्चे के पास जाने या झुंड को परेशान करने पर वे तुरंत रक्षा की मुद्रा में आ सकते हैं।
- अनावश्यक संघर्ष से बचते हैं: यदि उन्हें सुरक्षित रास्ता मिल जाए, तो वे अक्सर टकराव से बचना पसंद करते हैं।
- हाथियों को आक्रामक बनाने वाले कुछ कारण:
- पत्थर मारना, पटाखे फोड़ना या उन्हें उकसाना।
- बहुत नज़दीक जाकर फोटो या वीडियो बनाना।
- उनके रास्ते में बाधा डालना।
- बच्चे वाले झुंड के पास जाना।
- भोजन या पानी की कमी अथवा बार-बार मानवीय हस्तक्षेप।











