झारखंड में जिंदल समूह का ₹70 हजार करोड़ का मेगा निवेश: उद्योग, ऊर्जा और रोजगार के नए युग की शुरुआत..!!
रायगढ़/रांची/खबर डेस्क/14/07/2026
झारखंड के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में नवीन जिंदल समूह ने राज्य में ₹70,000 करोड़ से अधिक के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश इस्पात, परमाणु ऊर्जा तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में किया जाएगा। हाल ही में हुए निवेशक सम्मेलन के दौरान झारखंड सरकार और नवीन जिंदल समूह के बीच इस संबंध में समझौता (MoU) हुआ। यह राज्य के इतिहास के सबसे बड़े निजी निवेश प्रस्तावों में से एक माना जा रहा है।
प्रस्ताव के अनुसार, लगभग ₹40,000 करोड़ का निवेश इस्पात (स्टील) क्षेत्र में किया जाएगा। इससे झारखंड में स्टील उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, आधुनिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी और राज्य की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी। इसके अलावा करीब ₹30,000 करोड़ का निवेश परमाणु ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में प्रस्तावित है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
इस निवेश से 60 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। उद्योगों के विस्तार से परिवहन, निर्माण, लघु एवं मध्यम उद्योग, सेवा क्षेत्र तथा स्थानीय व्यापार को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
झारखंड सरकार का कहना है कि यह निवेश राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक और ऊर्जा केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। सरकार निवेशकों को बेहतर औद्योगिक वातावरण, बुनियादी ढांचा और त्वरित स्वीकृति प्रणाली उपलब्ध कराने पर भी कार्य कर रही है। हाल के निवेशक सम्मेलन में राज्य ने विभिन्न कंपनियों के साथ करीब ₹87,000 करोड़ के निवेश समझौते किए, जिनमें जिंदल समूह का प्रस्ताव सबसे बड़े निवेशों में शामिल है।
उद्योग जगत का मानना है कि यदि यह निवेश निर्धारित समय सीमा में धरातल पर उतरता है, तो झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। खनिज संपदा से समृद्ध राज्य में मूल्य संवर्धित उद्योगों के विस्तार से राजस्व बढ़ेगा, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और सहायक उद्योगों का भी तेजी से विकास होगा।
अब सबकी निगाह इस बात पर रहेगी कि समझौते के बाद परियोजनाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है। यदि निवेश योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी होती हैं, तो झारखंड आने वाले वर्षों में इस्पात और ऊर्जा क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।