जल जंगल जमीन के साथ पर्यावरण संरक्षण जरूरी – सोनू सिदार
ग्रामीणों किसान आदिवासीयों के हितों के खिलाफ उद्योग
ग्राम सभा प्रस्ताव पर ग्रामीणों की आपत्तियां – खरीद फरोख्त कर आरोफ
नवापारा BS स्पंज परियोजना पर जमीन के रिकॉर्ड को लेकर उठे गंभीर सवाल, 28 सितंबर की जनसुनवाई से पहले अंतरिम रोक की मांग।
ग्रामीणों की शासन प्रशासन जन सुनवाई निरस्त करने की मांग।
रायगढ़/घरघोड़ा
नवापारा क्षेत्र में प्रस्तावित BS स्पंज परियोजना को लेकर अब भूमि स्वामित्व, बंटवारा, नामांतरण और पुराने राजस्व अभिलेखों की जांच का मुद्दा सामने आया है। ग्राम चारमार निवासी सत्यनारायण उर्फ सरधा राम गुप्ता ने कलेक्टर रायगढ़ को आवेदन देकर खसरा नंबर 86 एवं उससे बने उप-खसरों के वर्ष 1979 से वर्तमान तक के संपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड की जांच कराने तथा प्रस्तावित 28 सितंबर 2026 की पर्यावरण जनसुनवाई से पहले विवादित भूमि पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है।
आवेदक ने अपने आवेदन में दावा किया है कि वर्ष 1979 के राजस्व रिकॉर्ड में उनके पिता के नाम संयुक्त खाते में लगभग 58.5543 हेक्टेयर भूमि दर्ज थी, जिसमें उनका हिस्सा लगभग 29.2751 हेक्टेयर बताया गया है। आवेदन के अनुसार वर्तमान रिकॉर्ड में उक्त संयुक्त खाते की भूमि में काफी परिवर्तन दिखाई देता है। इसी आधार पर आवेदक ने पुराने खसरा रिकॉर्ड, बंटवारा, नामांतरण, विक्रय, हस्तांतरण और मुआवजा संबंधी दस्तावेजों का मिलान कराने की मांग की है।
खसरा नंबर 86 से बने उप-खसरों की जांच की मांग
आवेदन में कहा गया है कि मूल खसरा नंबर 86 से वर्तमान में कई उप-खसरे बनाए गए हैं। इनमें 86/7, 86/33, 86/1, 86/2, 86/3, 86/4, 86/5, 86/6, 86/8, 86/10, 86/11, 86/12, 86/14, 86/15, 86/19, 86/20, 86/25, 86/31, 86/34, 86/35, 86/36, 86/37, 86/38 एवं 86/42 सहित अन्य प्रविष्टियों की जांच की मांग की गई है।
आवेदक का कहना है कि इन सभी उप-खसरों की राजस्व श्रृंखला को वर्ष 1979 से वर्तमान तक रिकॉर्ड के आधार पर जांचना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भूमि का बंटवारा, नामांतरण अथवा विक्रय किस आधार पर हुआ।
रेलवे मुआवजा रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
आवेदन में वर्ष 2012 में रेलवे द्वारा ली गई भूमि तथा उससे संबंधित मुआवजा/भुगतान रिकॉर्ड की भी जांच की मांग की गई है। आवेदक ने रेलवे अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचना, अवार्ड, खसरा-वार रकबा, भुगतान विवरण और मुआवजा प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के रिकॉर्ड का मिलान कराने का आग्रह किया है।
बीएस स्पंज द्वारा भूमि खरीद की भी जांच की मांग
आवेदन के अनुसार कंपनी द्वारा मूल खसरा नंबर 86 से बने उप-खसरों में खरीदी गई भूमि की भी जांच आवश्यक बताई गई है। विशेष रूप से यह पता लगाने की मांग की गई है कि संबंधित विक्रेताओं के पास भूमि का वैधानिक हिस्सा कितना था और हस्तांतरण के समय उनके पास वैध अधिकार मौजूद था या नहीं।
यह मांग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि BS स्पंज की नवापारा परियोजना को लेकर क्षेत्र में पहले भी प्रभावित ग्रामीणों ने परियोजना से जुड़ी भूमि, पर्यावरणीय प्रभाव, जल, राख प्रबंधन, यातायात और रोजगार समेत विभिन्न जानकारियां सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
अजजा मोर्चा के जिला मंत्री आदिवासी युवा नेता सोनू सिदार ने शासन प्रशासन से मांग किया है कि पहले ग्रामीणों व स्
जनसुनवाई से पहले ‘स्टे’ की मांग –
आवेदन में कहा गया है कि जब तक खसरा नंबर 86 एवं उससे संबंधित उप-खसरों की राजस्व श्रृंखला, सीमांकन, बंटवारा और स्वामित्व संबंधी अभिलेखों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक विवादित भूमि पर निर्माण, भूमि समतलीकरण, पेड़ कटाई अथवा स्थायी संरचना निर्माण जैसी गतिविधियों पर अंतरिम रोक (Stay) लगाई जाए।
आवेदक ने यह भी कहा है कि यदि परियोजना से जुड़ी गतिविधियां अभिलेखीय जांच पूरी होने से पहले शुरू हो जाती हैं, तो बाद में वास्तविक स्थिति को बदलना कठिन हो सकता है और संबंधित पक्षों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
नायब तहसीलदार के आदेश का भी उल्लेख
आवेदन में पूर्व में प्रस्तुत 1/2 बंटवारा आवेदन को खारिज किए जाने का उल्लेख करते हुए संबंधित फाइल, आदेश और उसमें दर्ज कारणों की जांच की मांग की गई है। आवेदक ने मांग की है कि पुराने बंटवारे, नामांतरण और विक्रय दस्तावेजों की वर्तमान रिकॉर्ड से तुलना कराई जाए।
कलेक्टर से सात प्रमुख मांगें
आवेदन में मुख्य रूप से निम्न विषय रखें गये है।
खसरा नंबर 86 एवं सभी संबंधित उप-खसरों की वर्ष 1979 से वर्तमान तक जांच।
बंटवारा, नामांतरण, विक्रय और हस्तांतरण की वैधानिकता की जांच।
संबंधित भूमि पर तत्काल अंतरिम रोक लगाए जाने की मांग।
रेलवे द्वारा वर्ष 2012 में ली गई भूमि एवं मुआवजा रिकॉर्ड की जांच।
BS स्पंज द्वारा खरीदी गई भूमि के दस्तावेजों और विक्रेताओं के वैधानिक हिस्से की जांच।
28 सितंबर 2026 की प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई में आवेदन में उठाए गए भूमि संबंधी बिंदुओं को रिकॉर्ड पर लेने की मांग।
जांच में अनियमितता, अनधिकृत हस्तांतरण अथवा वैधानिक हिस्से से अधिक भूमि हस्तांतरण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
बीएस स्पंज की प्रस्तावित परियोजना को लेकर उपलब्ध परियोजना संबंधी जानकारी में रायगढ़ जिले में बड़े एकीकृत स्टील प्रोजेक्ट का प्रस्ताव दर्ज है, जिसमें स्पंज आयरन सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और कैप्टिव पावर से संबंधित घटक प्रस्तावित बताए गए हैं।
अब सवाल यह है कि 28 सितंबर की प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई से पहले प्रशासन खसरा नंबर 86 और उससे जुड़े उप-खसरों की वर्ष 1979 से चली आ रही राजस्व श्रृंखला की जांच कराता है या नहीं। आवेदक ने कलेक्टर से अभिलेखीय जांच पूरी होने तक विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है।










