वन परिक्षेत्रों के निर्माण कार्य निविदा से कराने और अधीनस्थ कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन में रेंजरों की भूमिका तय करने की मांग
रायपुर/रायगढ़
वन विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों से जुड़े अधिकारों को लेकर छत्तीसगढ़ रेंजर्स एसोसिएशन ने विभागीय स्तर पर अपनी मांगें मजबूती से रखी हैं। एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष धनलाल साहू एवं प्रदेश महासचिव विक्रांत कुमार विजेंद्र ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, रायपुर को मांग पत्र सौंपकर विभागीय व्यवस्था में आवश्यक सुधार की मांग की है।
एसोसिएशन ने मांग पत्र में दो प्रमुख मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
निर्माण कार्यों में पारदर्शिता की मांग
एसोसिएशन ने प्रदेश के अंतर्गत आने वाले समस्त वन परिक्षेत्रों के निर्माण कार्यों को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कराए जाने की मांग की है। संगठन का तर्क है कि निर्धारित निविदा प्रक्रिया अपनाए जाने से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा कार्यों के निष्पादन में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
गोपनीय प्रतिवेदन में रेंजरों को अधिकार देने की मांग
दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में एसोसिएशन ने वन क्षेत्रपाल के अधीनस्थ कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन के मतांकन का अधिकार वन क्षेत्रपाल को दिए जाने की मांग की है।
एसोसिएशन के अनुसार, वन क्षेत्रपाल अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के दैनिक कार्य, जिम्मेदारियों और कार्य निष्पादन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के कार्य मूल्यांकन में वन क्षेत्रपाल की भूमिका महत्वपूर्ण है। संगठन चाहता है कि इसी आधार पर गोपनीय प्रतिवेदन के मतांकन की व्यवस्था में वन क्षेत्रपाल को अधिकार प्रदान किया जाए।
विभागीय निर्णय की प्रतीक्षा
मांग पत्र के माध्यम से एसोसिएशन ने दोनों विषयों पर विभागीय स्तर पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक एवं सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि इन मांगों का निराकरण विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता के साथ-साथ कर्मचारियों के अधिकारों और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
अब इन मांगों पर वन विभाग के उच्च स्तर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर रेंजर्स एसोसिएशन सहित विभागीय कर्मचारियों की नजर बनी हुई है।



वन विभाग में पारदर्शिता और








